स्वस्थ जीवन शैली के टिप्स / health tips in hindi
स्वस्थ जीवन शैली के टिप्स / health tips in hindi:-
हमारी सस्कृति में स्वस्थ जीने के लिए कुछ उपाए / नियम बनाये गए हैं जिनका पालन कर हम अपने जीवन को स्वस्थ और सुन्दर बना सकते हैं |
मनुष्य इस धरा का सबसे बुद्धिमान प्राणी माना गया हैं, अगर वो चाहे तो अपने आप को लोहे से भी मजबूत बना सकता है | आपने देखा होगा कुछ लोग बहुत ही मजबूत होते है और कुछ लोग बहुत ही कमजोर | ये सब उनके द्वारा अपनायी गयी जीवन शैली पर निर्भर करता है |
यहां हम आपको कुछ महत्वपूर्ण नियम बताएंगे जो आपके जीवन में अविश्वनीय परिवर्तन ला सकते हैं | सबसे पहले तो इंसान को ये समझना चाहिए कि ये हमारा शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है।
वायु , अग्नि ,पृथ्वी , आकाश और जल | इन सभी से मिलकर हमारे शरीर का निर्माण हुआ है | अब हमने थोड़ी -सी मेहनत रख कर इन सभी तत्वों को संतुलित रखना हैं | ताकि हमारा शरीर स्वस्थ और सूंदर बना रहे |
यहां मैं आपको ये नहीं बताउगा की कितने घंटे सोना चाहिए , कितने घंटे जागना चाहिए | मैं कौन होता हूँ आपके सोने - जागने का समय बनाने वाला | ये आप खुद तय करोगे की आपने कितने घंटे सोना हैं और कितने घंटे जागना हैं | ये सब आपके लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता हैं | महत्वपूर्ण बात ये है कि आप को कितने घंटे की नींद की आवश्कता है | यदि आपका काम ,आपका व्यायाम सब कुछ आराम की तरह है तो अपने आप ही आपके नींद के घंटे कम हो जायेंगे | आपने भी देखा होगा कुछ लोग हर समय चिंतित रहते हैं चाहे वो पार्क में घूम रहे हो, घर में खाना बना रहे हो, या किसी पार्टी में हो, तो इस तरह उनको आराम कैसे मिल सकता है | आप जिस समय पर जो काम कर रहे हो उसी के अनुसार अपने आप को रखना आराम कहलाता है | मतलब जो भी काम करो उसको आनंद के साथ करना चाहिए तभी आपको और आपके शरीर को आराम मिलेगा और आप अच्छा भी फील करोगे |
कभी - कभी आप जब नींद पूरी करके उठते हो तो आपने देखा होगा कई बार बिल्कुल फ्रैश फील करते हो, तो समझो उस समय आपके शरीर ने पूरा आराम मिल चुका हैं और कई बार जब आप सुबह उठते है तब भी आपका मन ये सोचता है कि कुछ और सो जाऊ पर आप सो नहीं पाते क्योंकि आपको ऑफिस जाना होता है या घर का काम करना होता है | उस समय आपके शरीर को पूरा आराम नहीं मिला होता हैं | ये आपने तय करना है कि आपके शरीर को कितना आराम देना है और कितनी नींद | ये सब आपकी शारीरिक मेहनत पर निर्भर करता है |
मनुष्य इस धरा का सबसे बुद्धिमान प्राणी माना गया हैं, अगर वो चाहे तो अपने आप को लोहे से भी मजबूत बना सकता है | आपने देखा होगा कुछ लोग बहुत ही मजबूत होते है और कुछ लोग बहुत ही कमजोर | ये सब उनके द्वारा अपनायी गयी जीवन शैली पर निर्भर करता है |
यहां हम आपको कुछ महत्वपूर्ण नियम बताएंगे जो आपके जीवन में अविश्वनीय परिवर्तन ला सकते हैं | सबसे पहले तो इंसान को ये समझना चाहिए कि ये हमारा शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है।
वायु , अग्नि ,पृथ्वी , आकाश और जल | इन सभी से मिलकर हमारे शरीर का निर्माण हुआ है | अब हमने थोड़ी -सी मेहनत रख कर इन सभी तत्वों को संतुलित रखना हैं | ताकि हमारा शरीर स्वस्थ और सूंदर बना रहे |
शरीर को आराम और नींद :-
आज के युग में मनुष्य कहीं खो सा गया है | वो अपना इस धरा पर आने का जो उद्देश्य है उसको भूल -सा गया है और मोह - माया के पीछे लग कर अपना सब कुछ बर्बाद करने लग रहा है | यहां मैं आपको ये नहीं बोल रहा की परिवार का पेट पलने के लिए कुछ भी मत कमाओ , बल्कि ये बता रहा हूँ कि उसी परिवार का ध्यान रखने के लिए आपके जो दूसरे कर्म है उनको मत भूलो | क्योकि आपके परिवार को आपकी जरुरत है और अब आपका और भी ज्यादा फर्ज बन जाता है कि आप अपने शरीर का बहुत ध्यान रखें |
यहां मैं आपको ये नहीं बताउगा की कितने घंटे सोना चाहिए , कितने घंटे जागना चाहिए | मैं कौन होता हूँ आपके सोने - जागने का समय बनाने वाला | ये आप खुद तय करोगे की आपने कितने घंटे सोना हैं और कितने घंटे जागना हैं | ये सब आपके लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता हैं | महत्वपूर्ण बात ये है कि आप को कितने घंटे की नींद की आवश्कता है | यदि आपका काम ,आपका व्यायाम सब कुछ आराम की तरह है तो अपने आप ही आपके नींद के घंटे कम हो जायेंगे | आपने भी देखा होगा कुछ लोग हर समय चिंतित रहते हैं चाहे वो पार्क में घूम रहे हो, घर में खाना बना रहे हो, या किसी पार्टी में हो, तो इस तरह उनको आराम कैसे मिल सकता है | आप जिस समय पर जो काम कर रहे हो उसी के अनुसार अपने आप को रखना आराम कहलाता है | मतलब जो भी काम करो उसको आनंद के साथ करना चाहिए तभी आपको और आपके शरीर को आराम मिलेगा और आप अच्छा भी फील करोगे |
कभी - कभी आप जब नींद पूरी करके उठते हो तो आपने देखा होगा कई बार बिल्कुल फ्रैश फील करते हो, तो समझो उस समय आपके शरीर ने पूरा आराम मिल चुका हैं और कई बार जब आप सुबह उठते है तब भी आपका मन ये सोचता है कि कुछ और सो जाऊ पर आप सो नहीं पाते क्योंकि आपको ऑफिस जाना होता है या घर का काम करना होता है | उस समय आपके शरीर को पूरा आराम नहीं मिला होता हैं | ये आपने तय करना है कि आपके शरीर को कितना आराम देना है और कितनी नींद | ये सब आपकी शारीरिक मेहनत पर निर्भर करता है |
उपवास कितना आवश्यक है :-
मैंने ओसो की पुस्तक में कहीं पढ़ा है कि "हमारा शरीर प्राकृतिक चक्र से जुड़ा "मंडल " नामक कोई चीज होती है जो 40 से 48 दिनों में शरीर के एक खास चक्र से गुजरता हैं | हर इस चक्र में 3 दिन ऐसे होते हैं जिनमें हमारे शरीर को भोजन की आवश्कता नहीं होती | इनमें से किसी भी एक दिन हम बिना भोजन के आराम से रह सकते हैं | 11 से 14 दिनों में एक दिन ऐसा आता है जब हमारा कुछ भी खाने का मन नहीं करता ,उस दिन हमने कुछ नहीं खाना चाहिए | लेकिन ये दिन तो आपको खुद ही पता लगाना पड़ेगा क्योंकि आपने यदि गौर किया हो कभी - कभी कुत्ते - बिल्ली भी एक दिन कुछ नहीं खाते | वे अपने सिस्टम के प्रति सजग होते हैं और उनमे ये सजगता होती है | जिस दिन उनका कुछ खाने का मन नहीं करता उस दिन वो कुछ भी नहीं खाते |
अब बात आती है कि हम वो दिन कैसे जाने, इसके लिए अपने यहां एकादशी का दिन रखा है जो हर 14 दिनों में एक बार आती हैं | इसका मतलब हुआ हम 14 दिनों में एक बार बिना खाये रह सकते हैं | यदि आपसे भूखा नहीं रहा जाता तो आप फलाहार ले सकते हैं क्योंकि भूखा रहने के लिए साधना की जरुरत होती है जो हर किसी में नहीं होती | बस अपने सिस्टम के प्रति जागरूक होना जरुरी हैं | "
एक बात और कई लोग उपवास में भी बार -बार चाय या कॉफी पीते रहते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता, इससे बचना चाहिए |
यदि बार - बार चाय या कॉफी पीने की इच्छा होती हो तो आप कुछ टॉफी अपने पास रख सकते हैं और जब भी चाय की इच्छा हो एक टॉफी निकाल कर उसको चूस सकते हैं | मैंने ये कुछ लोगों पर अपना कर देखा हुआ हैं, जिससे उनमें कुछ टाइम के बाद चाय या कॉफी बिल्कुल कम हो जाती हैं |
अब बात आती है कि हम वो दिन कैसे जाने, इसके लिए अपने यहां एकादशी का दिन रखा है जो हर 14 दिनों में एक बार आती हैं | इसका मतलब हुआ हम 14 दिनों में एक बार बिना खाये रह सकते हैं | यदि आपसे भूखा नहीं रहा जाता तो आप फलाहार ले सकते हैं क्योंकि भूखा रहने के लिए साधना की जरुरत होती है जो हर किसी में नहीं होती | बस अपने सिस्टम के प्रति जागरूक होना जरुरी हैं | "
एक बात और कई लोग उपवास में भी बार -बार चाय या कॉफी पीते रहते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता, इससे बचना चाहिए |
यदि बार - बार चाय या कॉफी पीने की इच्छा होती हो तो आप कुछ टॉफी अपने पास रख सकते हैं और जब भी चाय की इच्छा हो एक टॉफी निकाल कर उसको चूस सकते हैं | मैंने ये कुछ लोगों पर अपना कर देखा हुआ हैं, जिससे उनमें कुछ टाइम के बाद चाय या कॉफी बिल्कुल कम हो जाती हैं |
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